उत्तरी भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात को देखते हुए पंजाब सरकार ने बड़ा फ़ैसला लेते हुए 3 सितंबर तक राज्यभर के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश जारी किया है। वहीं, जम्मू में भी आज सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने की घोषणा की गई है।
IMD ने फिर जारी किया रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में कई ज़िलों में बेहद भारी बारिश हो सकती है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।
पंजाब के कई ज़िले अलर्ट पर
IMD की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के मालेरकोटला, समाणा, पटियाला, नाभा, राजपुरा, डेराबस्सी, फतेहगढ़ साहिब, अमलोह, मोहाली, रामपुरा फूल, बसी पठाना, खन्ना, पायल, खरड़, खमाणों और लुधियाना सहित कई ज़िलों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा बाघापुराना, फरीदकोट, मोगा, जीरा, शाहकोट, सुल्तानपुर लोधी, खडूर साहिब, रायकोट, जगराओं, फगवाड़ा, कपूरथला, नवांशहर, आनंदपुर साहिब और होशियारपुर समेत अन्य इलाकों में भी अलर्ट जारी है।
हरियाणा और चंडीगढ़ में भी चेतावनी
हरियाणा के करनाल, कैथल, थानेसर, नीलोखेड़ी, पिहोवा, अंबाला, पंचकूला, नारायणगढ़, जगाधरी और कालका सहित कई शहरों में भी भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए भी मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
नीचे इलाकों में जलभराव का ख़तरा
IMD ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में बारिश और तेज़ हो सकती है। इससे निचले इलाकों में पानी भरने, यातायात बाधित होने और बाढ़ जैसी स्थिति बनने का ख़तरा है। प्रशासन ने सभी ज़िला अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और राहत-बचाव कार्यों के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
लोगों से एहतियात बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें और सुरक्षित रूप से घरों में ही रहें। साथ ही किसी भी स्थिति में अफ़वाहों पर ध्यान न देकर केवल ज़िला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक अपडेट का पालन करें।
पहले से कई क्षेत्र बाढ़ग्रस्त
गौरतलब है कि लगातार हो रही बारिश के चलते पहले ही कई क्षेत्र बाढ़ की मार झेल रहे हैं। रविवार से चंडीगढ़, मोहाली, ज़िरकपुर और पंजाब के अन्य हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इस कारण नालियों का पानी सड़कों पर भर गया है, नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका तेज़ हो गई है।
