उत्तर भारत में मानसून अपने पूरे जोरों पर है और पंजाब में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जालंधर शहर में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। बीती रात से शुरू हुई भारी बारिश सुबह तक जारी रही और इसके चलते सड़कों पर पानी भर गया, वहीं कई इलाकों में घरों और दुकानों तक पानी घुस गया।
सड़कें बनीं तालाब, पुलों के नीचे भरा पानी
भारी बारिश ने शहर की मुख्य सड़कों को तालाब में बदल दिया है। दोमोरिया पुल के नीचे कई फीट तक पानी भर गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इसके अलावा, शहरी इलाकों के अंडरब्रिज भी पानी में डूब गए हैं।
पॉश कॉलोनियां भी आईं चपेट में
बारिश का कहर सिर्फ निचले क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के पॉश इलाकों को भी अपनी चपेट में ले लिया। डिफेंस कॉलोनी, मॉडल टाउन, पी.पी.आर. मार्केट, आदर्श नगर और कई बस्तियों में पानी भर गया। जिन दुकानों के बेसमेंट थे, वे पानी से लबालब हो गए और लाखों रुपये का सामान खराब हो गया।
जालंधर कैंट में बाढ़ जैसे हालात
जालंधर कैंट क्षेत्र में भी पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पंजाब एग्रो के चेयरमैन मंगत सिंह ने बताया कि भारी बारिश के कारण कैंट इलाका पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय नेता इस मुश्किल घड़ी में लोगों की मदद के लिए आगे आएंगे।
टूटी सड़कें बनीं खतरा
शहर की टूटी-फूटी सड़कों ने बारिश के पानी के साथ मिलकर हालात और खतरनाक बना दिए हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे वाहनों और पैदल चलने वालों दोनों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद नगर निगम और सरकार पर कोई ठोस कदम न उठाने का आरोप लग रहा है।
ट्रैफिक जाम और लोगों की मुश्किलें
बारिश का पानी घंटों तक सड़कों पर जमा रहने के कारण यातायात जाम हो जाता है। लोगों को रोजाना घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। कई जगहों पर गाड़ियों के खराब होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
लोगों में नाराज़गी, प्रशासन पर सवाल
भारी बारिश से परेशान लोग प्रशासन और नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश आते ही हालात बिगड़ते हैं, लेकिन नालियों की सफाई से लेकर जल निकासी की कोई ठोस योजना नहीं बनाई जाती।
