भारी बारिश और बाढ़ के हालात को देखते हुए पंजाब सरकार ने राज्यभर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार (3 सितंबर) को घोषणा की कि 7 सितंबर 2025 तक सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों के साथ-साथ पॉलिटेक्निक संस्थान भी बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है और सभी से अपील की कि वे स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करें।
पहले भी बढ़ाई जा चुकी थी छुट्टियाँ
गौरतलब है कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर मुख्यमंत्री मान ने पहले 27 से 30 अगस्त तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया था। बाद में हालात में सुधार न होने के चलते इस अवधि को 3 सितंबर तक बढ़ा दिया गया था। अब एक बार फिर छुट्टियों को 7 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
नदियों के उफान ने बढ़ाई मुश्किलें
पंजाब और हरियाणा में लगातार हो रही बारिश ने राहत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हुई भारी बारिश का असर भी पंजाब पर साफ देखा जा रहा है। सतलुज, व्यास और रावी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके अलावा कई मौसमी नाले भी उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और तबाही बढ़ी है।
बाढ़ से बड़ा नुकसान, अब तक 30 मौतें
1 अगस्त से 2 सितंबर तक की अवधि में बाढ़ ने पंजाब में भारी तबाही मचाई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।
राहत और बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। एनडीआरएफ, सेना, बीएसएफ, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन लगातार लोगों की मदद में जुटे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, वहीं राहत शिविरों में भोजन, पानी और दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है।
