पंजाब इन दिनों भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,75,216 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। गुरदासपुर, अमृतसर, मानसा, फिरोजपुर और फाजिल्का जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। अकेले गुरदासपुर में ही 40,169 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र की फसलें पानी में डूब गईं।
हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया
माल, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि निचले और गंभीर रूप से प्रभावित इलाकों से 20,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
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गुरदासपुर: 5,581 लोग
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फिरोजपुर: 3,495 लोग
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अमृतसर: 2,734 लोग
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फाजिल्का: 2,422 लोग
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होशियारपुर: 1,615 लोग
इसके अलावा कपूरथला, पठानकोट, बरनाला, जालंधर, मोगा, मानसा, रूपनगर और तरनतारन से भी सैकड़ों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
राहत कैंपों में ठिकाना
राज्यभर में 167 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहाँ प्रभावित परिवारों को अस्थायी ठहरने की सुविधा दी जा रही है। अब तक कुल 3,55,709 लोग बाढ़ से प्रभावित माने गए हैं। प्रशासन ने समाजसेवी संगठनों के सहयोग से प्रभावित लोगों को भोजन, दवाइयाँ और अन्य ज़रूरी सामान मुहैया कराया है।
मौतों का सिलसिला जारी
दुर्भाग्य से बाढ़ और इससे जुड़े हादसों में अब तक 12 जिलों के 37 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि पठानकोट जिले के तीन लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
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सबसे अधिक मौतें होशियारपुर में: 7
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पठानकोट: 6
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बरनाला: 5
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अमृतसर और लुधियाना: 4-4
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बठिंडा और मानसा: 3-3
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गुरदासपुर, पटियाला, रूपनगर, मोहाली और संगरूर: 1-1
आगे की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश और डैम से छोड़े जा रहे पानी से हालात और बिगड़ सकते हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें।
