हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी बारिश का असर अब पंजाब तक पहुँच रहा है। पोंग डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 1394.47 फीट तक पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने डैम से अतिरिक्त पानी छोड़ने का फैसला लिया है।
अतिरिक्त पानी छोड़ा गया
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को डैम की सुरक्षा के लिए टरबाइन और स्पिलवे गेटों के ज़रिए 99,985 क्यूसेक पानी शाह नहर बैराज में छोड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम जरूरी था क्योंकि झील में पानी की लगातार तेज़ी से आमद हो रही थी।
पानी की आवक जारी
बीती शाम पोंग डैम झील में पानी की आमद 1,07,517 क्यूसेक दर्ज की गई। इसके चलते डैम का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। स्थिति पर नज़र रखते हुए लगातार बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है ताकि डैम पर दबाव न बढ़े।
ब्यास किनारे के गांवों में खतरा
शाह नहर बैराज से छोड़े गए पानी में से 88,485 क्यूसेक सीधे ब्यास नदी में डाला जा रहा है, जबकि 11,500 क्यूसेक पानी मुकेरियां हाइडल नहर में भेजा जा रहा है। इस कारण पंजाब के ब्यास किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों में लोगों को प्रशासन की ओर से सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
प्रशासन की अपील
BBMB अधिकारियों ने साफ कहा है कि पानी छोड़ना डैम की सुरक्षा के लिए जरूरी है। साथ ही स्थानीय प्रशासन को अलर्ट रहने और प्रभावित इलाकों में राहत इंतज़ाम तैयार रखने को कहा गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदियों और दरियाई इलाकों से दूर रहें और केवल आधिकारिक चेतावनियों पर ही भरोसा करें।
पोंग डैम से छोड़ा गया पानी आने वाले दिनों में ब्यास किनारे की बस्तियों को प्रभावित कर सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि मौसम का रुख कैसा रहता है और प्रशासन हालात से कैसे निपटता है।
