पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि कठिन समय में भी भाजपा राजनीति कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर केंद्र सरकार के पास 12 हज़ार करोड़ रुपये के नुकसान का आंकड़ा है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? पंजाब सरकार पहले ही अपने आधिकारिक आंकड़े जारी कर चुकी है।
चीमा आज श्री आनंदपुर साहिब हलके के विशेष दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी मौजूद रहे। दोनों मंत्रियों ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया और वहां हुए नुकसान का जायज़ा लिया।
हर नुकसान की भरपाई का वादा
वित्त मंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार हर नुकसान की भरपाई करेगी।
- जिनके घर और फर्नीचर नष्ट हुए हैं, उन्हें मदद दी जाएगी।
- पशुधन और फसल का नुकसान हुआ है, उसका भी मुआवज़ा मिलेगा।
- टूटी सड़कें, पुल और डंगे फिर से बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिन गांवों में बाढ़ से ज्यादा तबाही हुई है, वहां विशेष गिरदावरी (सर्वेक्षण) किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान इस पूरे काम की निगरानी कर रहे हैं।
“ऑपरेशन राहत” और वालंटियरों की भूमिका
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि दरियाओं और नहरों में आई बाढ़ ने किसानों और आम लोगों को बहुत नुकसान पहुँचाया है। खेतों में रेत भर गई है और कई जगह जमीन बह गई है।
उन्होंने बताया कि हरजोत सिंह बैंस ने “ऑपरेशन राहत” चलाकर तुरंत सहायता पहुंचाई। इस अभियान में पंच, सरपंच, नौजवान और आप वालंटियरों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- राहत सामग्री गांव-गांव पहुँचाई गई।
- मेडिकल टीमें और वेटनरी डॉक्टर बीमार लोगों और पशुओं की सेवा कर रहे हैं।
- गंभीर मरीजों का इलाज सरकार अपने खर्च पर करवा रही है।
स्थायी समाधान पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि अब जरूरत है कि दरियाओं को चैनलाइज किया जाए ताकि भविष्य में यह इलाका बार-बार बाढ़ की मार से न जूझे।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन पुलों और सड़कों को नुकसान हुआ है, उनका जल्द निर्माण और विस्तार किया जाएगा। साथ ही, सरकार ने अवैध खनन पर ज़ीरो टॉलरेंस अपनाई है और इसे पूरी तरह रोका है।
केंद्र सरकार से बड़ी राहत की मांग
चीमा ने बताया कि केंद्र सरकार पर पंजाब का 60 हज़ार करोड़ रुपये जीएसटी और आरडीएफ का बकाया है। इसके अलावा राज्य ने 20 हज़ार करोड़ रुपये अंतरिम राहत की मांग भी की है।
उन्होंने कहा कि कुल 80 हज़ार करोड़ रुपये अगर केंद्र जारी करे, तभी पंजाब के जख्मों पर मरहम लग सकेगा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई मौजूदा राहत राशि पंजाब के लिए नाकाफी है।
बैंस का बयान
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि वे कई हफ्तों से लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं।
- बाढ़ ने सड़कों का नेटवर्क तोड़ दिया है।
- पुल और डंगे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
- अस्थायी मरम्मत का काम किया जा रहा है और प्रभावित घरों को राहत सामग्री दी जा रही है।
बैंस ने बताया कि आने वाले दिनों में करोड़ों रुपये खर्च कर पुल, सड़कें और क्रेट वॉल बनाई जाएंगी।
प्रभावित गांवों का दौरा
आज चीमा और बैंस ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार होकर प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे। उन्होंने सिंहपुर पलासी, शिव सिंह बेला, हरसाबेला, बिभौर साहिब, पिंगवड़ी-खिंगड़ी और नंगल के लक्ष्मी नारायण मंदिर क्षेत्र का जायज़ा लिया। वहां मौजूद लोगों को उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया।
पंजाब सरकार ने साफ कर दिया है कि वह बाढ़ पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है। राहत और मुआवज़े के साथ-साथ अब सरकार का जोर स्थायी समाधान पर है, ताकि आने वाले समय में लोग दोबारा ऐसी तबाही का सामना न करें।
