पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुक्रवार को काफी दिलचस्प और घटनाओं से भरपूर रही। इस दौरान सदन में कुल 5 महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा कुछ अहम प्रस्ताव भी पेश किए गए, जिनमें बीबीएमबी और सीआरपीएफ की तैनाती के विरोध से संबंधित प्रस्ताव प्रमुख रहे।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दो निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े बिल सदन में पेश किए। पहला था रियात बाहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, होशियारपुर बिल-2025 और दूसरा सी. जी. सी. यूनिवर्सिटी, मोहाली बिल-2025, जिन्हें सदन ने बहुमत से पारित कर दिया। इन विश्वविद्यालयों के खुलने से प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार होगा और युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे।
इसके बाद पंजाब शॉप्स एंड कमर्शियल एस्टैब्लिशमेंट (संशोधन) विधेयक-2025 और पंजाब लेबर वेलफेयर फंड (संशोधन) विधेयक-2025 भी सदन में पेश किए गए, जिन्हें सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।
पांचवां बिल था – प्रीवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (पंजाब संशोधन) बिल-2025, जिसे मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने पेश किया। यह बिल पशुओं के प्रति हो रही क्रूरता को रोकने और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक कदम है। सदन ने इस बिल को भी मंजूरी दे दी।
दूसरी ओर, सदन में बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) और सीआरपीएफ की तैनाती के मुद्दे को लेकर भी गर्मागर्म बहस देखने को मिली। इस पर एक विरोध प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने सदन की सहमति से पारित किया।
हालांकि, इन विषयों पर चर्चा के दौरान सदन में काफी हंगामा हुआ। विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध जताया, जिस कारण सदन की कार्यवाही सोमवार दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने घोषणा की कि विधानसभा का यह सत्र अब 11 जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगा। हालांकि, 12 जुलाई (शनिवार) और 13 जुलाई (रविवार) को अवकाश रहेगा। कार्यवाही फिर से 14 जुलाई सोमवार दोपहर 2 बजे से शुरू होगी, जहां विभिन्न विधायी कामकाज निपटाए जाएंगे। अंतिम दिन 15 जुलाई मंगलवार सुबह 10 बजे से विधायी और अन्य कामकाज होंगे।
इस तरह, सत्र के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ प्रदेश की शिक्षा, श्रम और पशु कल्याण जैसे क्षेत्रों में सुधार लाने वाले बिलों को पास कर एक सकारात्मक संदेश दिया गया।
