दिल्ली के एक निजी मैनेजमेंट संस्थान में छात्राओं से यौन शोषण और छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे देर रात आगरा के एक होटल से हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक चैतन्यानंद कई दिनों से यहां छिपकर रह रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और मेडिकल जांच भी करवाई जा रही है।
3:30 बजे हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी बीती रात करीब 3:30 बजे हुई। गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने आगरा और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया था। चैतन्यानंद की आखिरी लोकेशन आगरा में ट्रेस होने के बाद टीम ने कार्रवाई की और उसे होटल से पकड़ लिया।
मार्च में दर्ज हुई थी पहली शिकायत
इस मामले की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी, जब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से आने वाली एक छात्रा ने शिकायत दर्ज करवाई। छात्रा ने आरोप लगाया कि संस्थान को 60,000 रुपये दान देने के बाद भी उससे और पैसों की मांग की गई। अगर वह भुगतान नहीं करती, तो उसे एक साल तक बिना वेतन काम करने या कॉलेज छोड़ने का दबाव डाला गया।
छात्राओं के आरोप: शोषण और धमकियां
शिकायतों के अनुसार, चैतन्यानंद देर रात छात्राओं को अपने क्वार्टर में बुलाता था और न मानने पर उन्हें फेल करने की धमकी देता था। प्रबंधन से जुड़ी एक वर्चुअल मीटिंग में 30 से ज्यादा छात्राओं ने यौन शोषण, छेड़छाड़ और धमकियों की घटनाओं का खुलासा किया। इसके बाद 4 अगस्त को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
वफादारों का नेटवर्क बनाया
62 वर्षीय चैतन्यानंद संस्थान का पूर्व अध्यक्ष रह चुका है। आरोप है कि उसने संस्थान में अपने वफादारों का एक नेटवर्क तैयार किया था और उन्हें ऐसे पदों पर नियुक्त किया था, जिनके लिए वे योग्य भी नहीं थे। यही टीम उसके पक्ष में काम करती और छात्राओं की शिकायतों को दबाने की कोशिश करती।
सबूत भी मिले
पुलिस जांच में यह सामने आया कि चैतन्यानंद ने अपनी टीम में कई महिलाओं को भी शामिल किया था। इनका काम छात्राओं की चैट डिलीट करवाना था, ताकि सबूत न बचे। पुलिस ने चैट डिलीट करने से जुड़े अहम सबूत भी बरामद किए हैं।
लंदन यात्रा का लालच
छात्राओं ने यह भी खुलासा किया कि आरोपी उन्हें विदेश यात्रा का लालच देता था। वह कहता था कि उन्हें लंदन ले जाएगा और किसी तरह का खर्च भी नहीं करना पड़ेगा। इसी लालच के जरिए वह छात्राओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करता था।
जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चैतन्यानंद से लगातार पूछताछ हो रही है और पीड़िताओं के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा। इस पूरे मामले ने निजी शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्वामी चैतन्यानंद की गिरफ्तारी उन छात्राओं के लिए राहत की खबर है जिन्होंने हिम्मत जुटाकर शिकायत की। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि जांच किस दिशा में जाती है और पीड़िताओं को कब तक न्याय मिल पाता है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि संस्थानों में ऐसे आरोपों को गंभीरता से लेना और समय रहते कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।
