पंजाब सरकार ने धान खरीद सीजन के दौरान किसानों, आढ़तियों और मज़दूरों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि राज्यभर की अनाज मंडियों में खरीद प्रक्रिया को निर्बाध और पारदर्शी बनाए रखने के लिए पंजाब मंडी बोर्ड ने एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है।
यह कंट्रोल रूम किसानों की हर छोटी-बड़ी समस्या को तुरंत सुनकर समाधान करने का काम करेगा। चाहे मंडी में तौल की समस्या हो, भुगतान में देरी या परिवहन व्यवस्था की दिक्कत — सभी शिकायतें यहीं से निपटाई जाएंगी।
किसानों के लिए सीधा संपर्क नंबर
मंत्री खुड्डियां ने बताया कि किसान, आढ़ती और अन्य हितधारक कंट्रोल रूम से 0172-5101649 और 0172-5101704 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं। यह सुविधा हर दिन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
इस कंट्रोल रूम में चार समर्पित अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें दो टीमों में बाँटा गया है। दोनों टीमें बारी-बारी से काम करेंगी ताकि पूरे दिन किसी भी समय किसानों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
पारदर्शिता और समय पर खरीद पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि यह पहल मंडियों में चल रही खरीद प्रक्रिया को न केवल तेज बनाएगी बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ाएगी। अब किसानों को अपनी शिकायतों के लिए कई दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सभी समस्याओं का समाधान एक ही जगह — कंट्रोल रूम से किया जाएगा।
इसके साथ ही मंडी बोर्ड नियमित रूप से खरीद की अद्यतन जानकारी एकत्र करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि धान की उठान, परिवहन और भुगतान प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी न हो।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की किसान हितैषी नीति
मंत्री खुड्डियां ने बताया कि यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार की “अन्नदाता पहले” नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा,
“प्रत्येक खरीद सीजन की सफलता, पंजाब की सफलता है। मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व में सरकार किसानों और आढ़तियों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार चाहती है कि इस बार धान खरीद सीजन पूरी तरह पारदर्शी, तेज और परेशानी-मुक्त हो। इसके लिए सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारी लगातार मंडियों का दौरा कर रहे हैं और खरीद एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा रहा है।
कंट्रोल रूम बनेगा कमांड सेंटर
यह कंट्रोल रूम केवल एक सूचना केंद्र नहीं, बल्कि एक “सक्रिय कमांड सेंटर” के रूप में काम करेगा। यहां से मंडियों की हर गतिविधि पर नज़र रखी जाएगी। किसी भी समस्या — जैसे ट्रक की कमी, भुगतान में देरी, या बिजली और पानी की दिक्कत — का तुरंत समाधान किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि इस कदम से किसानों को राहत मिलेगी और राज्यभर में खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सकेगी।
पंजाब सरकार की यह पहल किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर है। कंट्रोल रूम की स्थापना से धान खरीद प्रक्रिया अब और अधिक तेज़, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। किसानों को मंडियों में अपने अधिकारों के लिए अब एक सीधी लाइन मिल गई है — जो दिखाती है कि राज्य सरकार सच में अपने अन्नदाताओं के साथ खड़ी है।
