पंजाब के किसानों के लिए इस बार खरीफ सीजन खुशखबरी लेकर आया है। राज्य की मंडियों में धान (झोना) की आवक ने 100 लाख मीट्रिक टन (LMT) का आंकड़ा पार कर लिया है। इनमें से 97 LMT से अधिक फसल की खरीद पहले ही पूरी हो चुकी है। किसानों को उनकी मेहनत का पूरा हक़ दिलाने के लिए 21,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।
राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बताया कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने धान खरीद सीजन के दौरान मंडियों में किसानों, आढ़तियों और मज़दूरों के लिए सभी जरूरी सुविधाएँ सुनिश्चित की हैं ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।
कटारूचक ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता यह है कि हर किसान को समय पर भुगतान मिले और उसकी फसल सुरक्षित तरीके से उठाई जाए। अब तक खरीदी गई फसल में से 77 LMT से अधिक की उठान (चु्काई) भी पूरी की जा चुकी है, जिससे मंडियों में नई फसल के लिए जगह बनती जा रही है।
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने मंडियों में डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मज़बूत किया है, जिससे किसानों को उनकी फसल का मूल्य सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रहा है — बिना किसी देरी या बिचौलिये के। उन्होंने बताया कि इस बार खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खरीद सीजन शुरू होने से पहले ही मंडियों में बुनियादी ढांचे को दुरुस्त किया, बारिश और नमी से फसल की सुरक्षा के लिए विशेष इंतज़ाम किए और मज़दूरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की। इसके साथ ही फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय को भी मज़बूत किया गया।
कटारूचक ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार किसानों के हित में काम जारी रखेगी और हर एक दाने की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा — “हमारा उद्देश्य है कि किसी किसान को अपनी फसल बेचने या भुगतान पाने में ज़रा सी भी परेशानी न हो।”
पंजाब सरकार की इस तेज़ और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया से राज्य के किसानों का भरोसा और मज़बूत हुआ है। अब पंजाब न केवल देश का “खुशहाल अन्नदाता राज्य” बना हुआ है, बल्कि किसान-केंद्रित प्रशासन का उदाहरण भी पेश कर रहा है।
