पहले पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से सिख श्रद्धालुओं का जत्था 4 नवंबर को पाकिस्तान रवाना होगा।
एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि हर साल गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान भेजा जाता है, ताकि वे वहां स्थित पवित्र गुरुद्वारों में माथा टेक सकें। इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी संख्या में भागीदारी देखने को मिली है।
प्रताप सिंह के अनुसार, इस बार कुल 1802 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीज़ा के लिए पाकिस्तान के दूतावास में भेजे गए थे, जिनमें से 1796 श्रद्धालुओं को वीज़ा मंजूर हो गया है। उन्होंने बताया कि जिन श्रद्धालुओं को वीज़ा मिला है, वे अपने पासपोर्ट 31 अक्तूबर और 1 नवंबर को शिरोमणी कमेटी के कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।
एसजीपीसी के सचिव ने आगे बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार 4 नवंबर को जत्था वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान जाएगा। सबसे पहले यह जत्था गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब पहुंचेगा, जहां गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था। श्रद्धालु वहां आयोजित मुख्य प्रकाश पर्व कार्यक्रमों में शामिल होंगे और फिर अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों जैसे गुरुद्वारा करतारपुर साहिब, गुरुद्वारा सच्चा सौदा और गुरुद्वारा देरा साहिब लाहौर के भी दर्शन करेंगे।
यह धार्मिक यात्रा लगभग 10 दिन की होगी। श्रद्धालु 13 नवंबर को भारत लौटेंगे। शिरोमणी कमेटी ने जत्थे के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए हैं, जिनमें सुरक्षा, आवास, परिवहन और चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस यात्रा को लेकर सिख समुदाय में खासा उत्साह है। लोग इसे गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं और मानवता, भाईचारे तथा सेवा के संदेश को याद करने का एक सुनहरा अवसर मान रहे हैं।
यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत और पाकिस्तान के बीच आध्यात्मिक संबंधों का भी प्रतीक मानी जाती है। हर साल ऐसे धार्मिक जत्थे दोनों देशों के लोगों के बीच शांति और सौहार्द का संदेश लेकर जाते हैं।
