गुरु पर्व के पावन अवसर पर एक बार फिर करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोलने की मांग तेज़ हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार से अपील की है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कॉरिडोर को तुरंत खोला जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम केंद्र सरकार को खुद उठाना चाहिए था, न कि किसी के पत्र लिखने पर।
मुख्यमंत्री ने कहा, “जब भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच खेले जा सकते हैं, जब गुजरात के रास्ते व्यापार जारी रह सकता है, तो करतारपुर कॉरिडोर को बंद रखना किसी भी तरह से उचित नहीं है।” उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब का दरबार सिर्फ धार्मिक महत्व का स्थान नहीं, बल्कि शांति, भाईचारे और संवाद का प्रतीक है।
भगवंत मान ने कहा कि यह कॉरिडोर गुरु नानक देव जी की पवित्र धरती तक श्रद्धालुओं को सीधा पहुंचने का मार्ग है। इसे बंद रखना न केवल श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मुद्दा है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी गलत है। उन्होंने कहा कि हजारों श्रद्धालु रोज़ाना करतारपुर साहिब जाकर मत्था टेकना चाहते हैं और फिर वापस लौट आते हैं, इसमें किसी तरह का खतरा या विवाद नहीं है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा, “गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों सिखों की धार्मिक भावना से जुड़ा मामला है।” उन्होंने कहा कि केंद्र को खुद पहल करनी चाहिए थी, क्योंकि करतारपुर कॉरिडोर शांति और सद्भावना का प्रतीक है।
भगवंत मान ने आगे कहा कि करतारपुर यात्रा से न केवल धार्मिक लाभ होता है, बल्कि दोनों देशों के बीच सामाजिक जुड़ाव और भरोसा भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों के लोग शांति चाहते हैं। अगर क्रिकेट मैच और व्यापार संभव हैं, तो श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्रा पर पाबंदी समझ से परे है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सीमा पार व्यापार दोबारा शुरू करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अगर भारत-पाक व्यापार फिर शुरू हो जाए, तो लाखों लोगों को रोजगार मिल सकता है। इससे पंजाब के किसानों, व्यापारियों और आम जनता को सीधा लाभ होगा।
उन्होंने कहा, “सीमावर्ती इलाकों के विकास के लिए सीमा पार व्यापार बेहद जरूरी है। पंजाब के लोग मेहनती हैं, उन्हें अवसर दिया जाए तो वे प्रदेश और देश दोनों की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं।”
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से उम्मीद जताई कि करतारपुर कॉरिडोर जल्द ही श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा, ताकि गुरु नानक देव जी के अनुयायी बिना रुकावट के अपनी आस्था व्यक्त कर सकें और भारत-पाक संबंधों में नई शुरुआत की जा सके।
