पंजाब सरकार ने राज्य के पेंशनरों के लिए एक बड़ी पहल की है। वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की है कि पूरे पंजाब में 13 नवंबर से 15 नवंबर 2025 तक सभी जिला कोषागार कार्यालयों में ‘पेंशनर सेवा मेला’ आयोजित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य पेंशनरों को ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने में सहायता देना है ताकि वे हाल ही में शुरू किए गए ‘पेंशनर सेवा पोर्टल’ पर आसानी से पंजीकरण कर सकें।
पेंशनरों के लिए एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सेवाएं
वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने 3 नवंबर 2025 को सभी पेंशन संबंधित सेवाओं के लिए एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह पोर्टल https://pensionersewa.punjab.gov.in
पर उपलब्ध है।
चीमा ने कहा कि पेंशनरों के लिए ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है, और वे मेले में जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इस पोर्टल के माध्यम से पेंशनर घर बैठे कई सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।
पेंशनर सेवा पोर्टल पर मिलेंगी ये सुविधाएं
शुरुआत में पोर्टल पर छह प्रमुख सेवाएं दी जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
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मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कराना
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पेंशन को पारिवारिक पेंशन में बदलने के लिए आवेदन
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लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) के लिए आवेदन
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शिकायत दर्ज कराना
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निजी विवरणों को अपडेट करना
ये सभी सेवाएं उपयोग में बेहद सरल और सुविधाजनक हैं।
घर बैठे या नजदीकी केंद्र से मिलेगी सुविधा
पेंशनर पोर्टल पर आधार प्रमाणीकरण (e-KYC) के जरिए पंजीकरण कर सकते हैं। एक बार पंजीकृत होने के बाद, वे अपने मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप से अपने लॉगिन आईडी का उपयोग कर घर बैठे सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
इसके अलावा, वे नजदीकी सेवा केंद्र, जिला कोषागार कार्यालय या पेंशन वितरण करने वाले बैंक से भी मदद ले सकते हैं। जरूरत पड़ने पर होम डिलीवरी सेवा की भी मांग की जा सकती है।
शिकायतों के लिए विशेष वॉर रूम और हेल्पलाइन
पोर्टल लॉन्च होने के बाद किसी भी तकनीकी या सेवा संबंधी शिकायत के समाधान के लिए ट्रेजरीज़ एंड अकाउंट्स, पेंशन एंड न्यू पेंशन स्कीम निदेशालय में एक ‘वॉर रूम’ बनाया गया है।
इसके अलावा पेंशनरों की सहायता के लिए तीन समर्पित हेल्पलाइन नंबर —
1800-180-2148, 0172-2996385, और 0172-2996386 — जारी किए गए हैं।
ये हेल्पलाइन हर कार्यदिवस सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सक्रिय रहेंगी।
डिजिटल पंजाब की दिशा में बड़ा कदम
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह पहल पेंशनरों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने और सरकारी सेवाओं को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी पेंशनरों से अपील की कि वे मेले में पहुंचकर डिजिटल पेंशन सेवाओं का अनुभव करें और सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ उठाएं।
