सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को शेयर बाजार ने शानदार वापसी की। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में जबरदस्त सुधार देखने को मिला। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 335 अंक बढ़कर 83,871 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 120 अंक चढ़कर 25,694 पर पहुंच गया।
शुरुआती गिरावट से उभरकर बाजार ने पकड़ी रफ्तार
सुबह के सत्र में बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुला था, लेकिन जल्द ही निवेशकों की खरीदारी से इसमें सुधार आया। सेंसेक्स के 30 में से 22 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि केवल 8 शेयरों में गिरावट रही। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से निवेशकों को मिला भरोसा
बाजार में सुधार का एक प्रमुख कारण भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौता बताया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता अपने अंतिम चरण में है।
निवेशकों को उम्मीद है कि यह समझौता भारत-अमेरिका के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करेगा, जिससे विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और घरेलू बाजार में सकारात्मक माहौल बनेगा।
अमेरिकी संकेतों से मिला वैश्विक समर्थन
अमेरिकी सीनेट द्वारा सरकारी फंडिंग बहाल करने वाला बिल पारित किए जाने से भी बाजार को राहत मिली है। इससे अमेरिकी सरकार के संभावित “शटडाउन” का खतरा टल गया और निवेशकों में भरोसा लौटा।
साथ ही, फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की संभावना ने भी वैश्विक बाजारों में उत्साह बढ़ाया है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में मिश्रित कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स और कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट दबाव में रहे।
अमेरिकी बाजार सोमवार को पहले ही मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिससे भारतीय बाजार को शुरुआती सपोर्ट मिला।
घरेलू निवेशकों ने दिखाई मजबूती
हालांकि विदेशी निवेशकों (FPI) ने 10 नवंबर को 4,076 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,811 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभाला।
पिछले महीने FPIs ने कुल 14,610 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो सितंबर में हुई बड़ी बिकवाली के बाद एक सकारात्मक संकेत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता सफल रहती है और वैश्विक ब्याज दरें स्थिर रहती हैं, तो भारतीय बाजारों में आने वाले हफ्तों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
