पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी और पूर्व विधायक डा. नवजोत कौर सिद्धू का ‘500 करोड़ की अटैची’ वाला बयान चर्चा में आया। मामले के तूल पकड़ते ही उन्होंने अब अपने ही बयान से यू-टर्न ले लिया है।
सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में नवजोत कौर ने कहा कि उनके साधारण और स्पष्ट बयान को जानबूझकर तोड़–मरोड़कर पेश किया गया है।
‘कांग्रेस ने मुझसे कभी कुछ नहीं मांगा’
नवजोत कौर सिद्धू ने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी ने उनसे या उनके परिवार से कभी कोई मांग नहीं की।
उन्होंने कहा कि वह केवल मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या नवजोत सिंह सिद्धू किसी दूसरी पार्टी से मुख्यमंत्री उम्मीदवार बन सकते हैं, तो उन्होंने कहा था—
“हमारे पास मुख्यमंत्री की कुर्सी के बदले देने के लिए कोई पैसा नहीं है। हम परिणाम दे सकते हैं, पैसा नहीं।”
उनका कहना है कि उनके बयान की पूरी बात सुनने के बजाय उसके कुछ हिस्सों को गलत अर्थ में पेश किया गया, जिससे अनावश्यक विवाद खड़ा हुआ।
‘पहले बयान को ध्यान से सुनें’
अपनी सफाई में नवजोत कौर ने कहा कि मीडिया और विपक्ष को उनका पूरा बयान सुनना चाहिए। उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं था, बल्कि यह बताना था कि वह राजनीति में सिद्धांतों और काम पर विश्वास करती हैं, न कि पैसे के खेल पर।
पुराना बयान बना विवाद की वजह
चंडीगढ़ में राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में नवजोत कौर ने कहा था कि नवराज सिद्धू तभी राजनीति में सक्रिय होंगे जब कांग्रेस उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करेगी।
साथ ही उन्होंने दावा किया था कि यदि किसी भी पार्टी ने उन्हें पंजाब को सुधारने की शक्ति दी, तो वह पंजाब को “Golden State” बना सकते हैं।
इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि “CM वही बनता है जो 500 करोड़ की अटैची देता है।”
यही जुमला बाद में विवाद का कारण बन गया।
सियासत में नई बहस
बयान पर सफाई के बावजूद पंजाब की राजनीति में इस मुद्दे ने नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे सिस्टम पर गंभीर आरोप बता रहा है, जबकि समर्थक कह रहे हैं कि बयान को गलत ढंग से पेश किया गया।
