दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रविवार सुबह अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ अमृतसर पहुंचीं। उनका काफ़िला जैसे ही राजासांसी एयरपोर्ट पहुंचा, वहां प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। सुरक्षा और प्रोटोकॉल के बीच मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक व सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद अहम बताया जा रहा है।
श्री हरिमंदर साहिब में माथा टेका
एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री और उनकी टीम सीधे श्री हरिमंदर साहिब (दरबार साहिब) पहुंची। पवित्र सरोवर के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका और देश की शांति, तरक्की और लोगों की खुशहाली के लिए अरदास की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिन्होंने उनका स्वागत किया।
अगला पड़ाव: श्री दुर्गियाना मंदिर
दरबार साहिब में दर्शन के बाद मुख्यमंत्री का काफ़िला श्री दुर्गियाना मंदिर पहुंचा। हिंदू आस्था का प्रमुख केंद्र यह मंदिर अमृतसर का एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की उन्नति की कामना की।
अंतिम धार्मिक स्थल: श्री वाल्मीकि तीर्थ (रामतीर्थ)
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का तीसरा और अंतिम पड़ाव श्री वाल्मीकि तीर्थ रहा, जिसे रामतीर्थ भी कहा जाता है।
महर्षि वाल्मीकि और माता सीता से जुड़े इस स्थान का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व बेहद गहरा है। तीर्थ परिसर में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने परंपरागत रीति से पूजा की और तीर्थ के बारे में जानकारी भी ली। स्थानीय प्रबंधन ने उन्हें तीर्थ की विरासत से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया।
दौरे के बाद दिल्ली रवाना
तीनों प्रमुख धार्मिक स्थलों पर मत्था टेकने के बाद मुख्यमंत्री का प्रतिनिधिमंडल वापस राजासांसी एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री के इस दौरे को आध्यात्मिक जुड़ाव के साथ-साथ पंजाब–दिल्ली संबंधों को मजबूत करने की पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।
