पंजाब सरकार राज्य के पिछड़े और वंचित वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा को मजबूत आधार बना रही है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मान सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिनसे गरीब और पिछड़े तबकों के छात्र आत्मनिर्भर बन सकें और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी दी कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत अब तक 4.77 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इस राशि का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र केवल आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और सरकार इस अधिकार की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
स्कॉलरशिप योजना को मिल रहा मजबूत समर्थन
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पूरे पंजाब में 2 लाख 62 हजार 373 छात्रों ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आवेदन इस बात का सबूत है कि सरकार की शिक्षा कल्याण योजनाएं सही मायनों में जरूरतमंद छात्रों तक पहुंच रही हैं। यह योजना छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस स्कीम के तहत 245 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उनके अनुसार, यह बजट शिक्षा के प्रति सरकार की गंभीर सोच, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता को दर्शाता है। इससे आने वाले समय में और अधिक छात्रों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
पिछले वर्ष भी हजारों छात्रों को मिला लाभ
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वित्त वर्ष में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत 2 लाख 37 हजार 456 छात्रों को आर्थिक सहायता दी गई थी। इस मदद से कई छात्रों ने कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी पाठ्यक्रमों में अपनी पढ़ाई जारी रखी।
शिक्षा को सामाजिक न्याय की नींव
डॉ. बलजीत कौर ने ज़ोर देकर कहा कि मान सरकार के लिए शिक्षा सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की मजबूत नींव है। सरकार का स्पष्ट वादा है कि गरीब या पिछड़े परिवार से आने वाला कोई भी छात्र सिर्फ पैसों की वजह से अपनी पढ़ाई अधूरी नहीं छोड़ेगा।
छात्रों के सपनों को मिल रहा सहारा
उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के जरिए सरकार उन छात्रों के सपनों को मजबूती दे रही है, जो शिक्षा को अपनी ताकत बनाकर अपने परिवार और समाज का भविष्य बदलना चाहते हैं। सरकार हर उस बच्चे के साथ खड़ी है, जो पढ़-लिखकर आगे बढ़ना और अपनी पहचान बनाना चाहता है।
