चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी देते हुए बताया कि बैठक के दौरान अपराध नियंत्रण, नशा तस्करी पर कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने को लेकर रणनीति पर विचार किया गया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता से जुड़े मामलों में तेजी और संवेदनशीलता के साथ काम करें।
नशे के खिलाफ अभियान की सराहना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब पुलिस की भूमिका की खुलकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में इस अभियान के दौरान 85 हजार 418 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आंकड़ा पुलिस की मेहनत और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा पंजाब के लिए एक गंभीर चुनौती रहा है और इसे जड़ से खत्म करने के लिए सरकार और पुलिस मिलकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में इस अभियान को और तेज किया जाएगा।
जन सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पुलिस को हर जरूरी संसाधन और समर्थन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम लोगों से भी अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सरकार और जनता के सहयोग से ही सुरक्षित और शांतिपूर्ण पंजाब का सपना साकार किया जा सकता है।
