पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धुरी विधानसभा क्षेत्र के गांव भुल्लरहेड़ी में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने गांव और प्रदेश के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव लोगों की असली अदालत होते हैं, जहां समाज के कई फैसले होते हैं और लोगों की आवाज सीधे सुनी जाती है।
उन्होंने कहा कि गांव में जब कोई व्यक्ति अपनी बात रखता है, चाहे वह कलाकार हो या नेता, तो लोगों का समर्थन मिलने पर उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
बिजली और किसानों से जुड़े मुद्दे
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरों में बिजली का बिल शून्य आया है, जिससे आम लोगों को आर्थिक राहत मिली है।
इसके साथ ही किसानों को खेती के लिए बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाया जा सके।
शिक्षा सुधारों पर दिया जोर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्रिंसिपलों को देश और विदेश के अच्छे संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। इस बार सरकारी स्कूलों के 300 से अधिक छात्रों ने जेईई मेन्स परीक्षा पास की है, जो शिक्षा सुधारों की सफलता का संकेत है।
पंजाब की शिक्षा रैंकिंग में सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में काफी पीछे था और एक समय राज्य 18वें स्थान पर था। लेकिन अब सरकारी स्कूलों में किए गए सुधारों के कारण स्थिति बदल गई है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के हालिया सर्वे के अनुसार अब पंजाब शिक्षा के मामले में पहले स्थान पर पहुंच गया है और उसने केरल जैसे राज्य को भी पीछे छोड़ दिया है।
गांव के विकास के लिए अनुदान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गांव भुल्लरहेड़ी के विकास के लिए दी गई आर्थिक सहायता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गांव के विकास कार्यों के लिए अब तक लगभग 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट दी जा चुकी है।
इसके अलावा आज गांव के लिए 52 लाख रुपये का एक और चेक दिया गया है, जिससे विभिन्न विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि पहले की सरकारों के समय पंजाब को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि अब राज्य में पारदर्शी और विकास केंद्रित शासन देने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों के सुख-दुख में उनकी बराबर की भागीदारी है और वे राज्य के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करते रहेंगे।
