अमेरिका की मशहूर एडटेक कंपनी Chegg, जो कभी छात्रों के लिए सबसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म मानी जाती थी, अब बड़े संकट का सामना कर रही है। एक समय इसका मार्केट वैल्यू करीब 15 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, लेकिन अब इसमें भारी गिरावट आ चुकी है।
Chegg छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई, किताबें, होमवर्क हेल्प और ट्यूशन जैसी सेवाएं देता था, लेकिन अब इसके बिज़नेस मॉडल पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
AI ने बदल दिया पूरा खेल
Chegg की गिरावट का सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को माना जा रहा है। ChatGPT जैसे AI टूल्स ने छात्रों को तुरंत, सस्ता और कई बार मुफ्त समाधान देना शुरू कर दिया।
पहले जहां छात्र Chegg की सब्सक्रिप्शन लेकर सवालों के जवाब लेते थे, अब वही काम AI टूल्स आसानी से कर रहे हैं। इससे Chegg की सेवाओं की मांग तेजी से कम हो गई।
यूजर्स और कमाई में गिरावट
AI के बढ़ते इस्तेमाल का सीधा असर Chegg के यूजर्स और कमाई पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के सब्सक्राइबर और वेबसाइट ट्रैफिक दोनों में भारी गिरावट आई है।
कंपनी की कमाई में भी गिरावट देखी गई और इसे लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की छंटनी तक करनी पड़ी।
Google और AI कंपनियों पर आरोप
Chegg ने Google पर भी आरोप लगाया है कि उसके AI फीचर्स (AI Overviews) ने कंपनी का ट्रैफिक कम कर दिया है।
कंपनी का कहना है कि जब लोग सीधे Google पर AI से जवाब पा लेते हैं, तो वे Chegg जैसी वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं समझते। इससे बिज़नेस पर बड़ा असर पड़ा है।
पारंपरिक मॉडल क्यों हुआ कमजोर
Chegg का बिज़नेस मॉडल छात्रों को तैयार जवाब देने पर आधारित था। लेकिन AI ने इस मॉडल को कमजोर कर दिया क्योंकि अब जवाब तुरंत और ज्यादा पर्सनलाइज्ड तरीके से मिल रहे हैं।
AI टूल्स छात्रों की जरूरत के हिसाब से जवाब देते हैं, जबकि Chegg का सिस्टम ज्यादा स्थिर और सीमित था।
टेक दुनिया के लिए बड़ा संकेत
Chegg की स्थिति यह दिखाती है कि AI सिर्फ एक नई तकनीक नहीं, बल्कि पूरी इंडस्ट्री को बदलने वाली ताकत बन चुका है।
अगर कंपनियां समय के साथ खुद को अपडेट नहीं करतीं, तो उनका बिज़नेस मॉडल तेजी से खत्म हो सकता है। Chegg इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।
