आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौजूदा हालात में देश में एलपीजी की भारी किल्लत पैदा हो गई है और उत्पादन में लगभग 50 प्रतिशत तक गिरावट आ चुकी है।
उन्होंने कहा कि एलपीजी पर निर्भर कई उद्योगों की फैक्ट्रियां बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां प्रभावित हो रही हैं और लाखों मजदूर बेरोजगार होने का खतरा झेल रहे हैं।
होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर असर
केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने आदेश जारी किया है कि रेस्टोरेंट और होटलों को एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। इस फैसले का असर देश के कई बड़े शहरों में देखने को मिल रहा है, जहां कई होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में होटल और फूड इंडस्ट्री पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है, जिससे लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
शादी-ब्याह के सीजन पर भी असर
केजरीवाल ने यह भी कहा कि इस समय देशभर में शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है। ऐसे में अगर एलपीजी की कमी जारी रही तो लोगों को अपने समारोहों को टालने तक की नौबत आ सकती है। इससे आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
विदेश नीति को लेकर भी सवाल
अरविंद केजरीवाल ने मौजूदा संकट के लिए अंतरराष्ट्रीय हालात और भारत की विदेश नीति को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है और ईरान ने Strait of Hormuz पर नियंत्रण कर लिया है।
उनके अनुसार इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर प्रतिबंधों के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर भी पड़ रहा है।
केंद्र सरकार से जवाब की मांग
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस संवेदनशील समय में केंद्र सरकार की नीतियों ने भारत को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और समझदारी भरी विदेश नीति अपनानी चाहिए।
उन्होंने केंद्र से अपील की कि वह देश में ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए, ताकि उद्योग, व्यापार और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
