सांसद Meet Hayer ने केंद्र सरकार के इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल 2025 को लेकर तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बिल जमीनी समस्याओं को हल करने के बजाय नए सवाल खड़े करता है।
“14 दिन में फैसले कैसे होंगे?”
मीत हेयर ने सवाल उठाया कि जब किसी फाइल को तैयार होने में ही 14 दिन लग जाते हैं, तो इतने कम समय में सही फैसले कैसे लिए जा सकते हैं। उनका कहना है कि इस तरह की समय-सीमा व्यवहारिक नहीं है और इससे प्रक्रिया और जटिल हो सकती है।
MSME और छोटे बैंकों को नुकसान?
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल खासकर MSMEs और छोटे बैंकों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उनके अनुसार, बड़े कॉरपोरेट्स को फायदा मिल सकता है, जबकि छोटे व्यवसायों पर दबाव बढ़ेगा।
विदेशी संपत्तियों पर भी सवाल
मीत हेयर ने यह भी कहा कि सरकार विदेशी संपत्तियों को जब्त करने की बात कर रही है, लेकिन देश के अंदर पिछले 12 सालों में संपत्तियों के मामलों में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
