पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान श्री फतेहगढ़ साहिब पहुंचकर माथा टेका और साहिबज़ादों की शहादत को याद किया। उन्होंने कहा कि यह पवित्र धरती दुनिया के सबसे बड़े नरसंहार की गवाह रही है और यहां का इतिहास हर पंजाबी को प्रेरणा देता है।
CM मान ने कहा कि यही वह स्थान है जहां माता गुजरी जी ने ठंडे बुर्ज में बैठकर बाबा ज़ोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी को सत्य और धर्म के रास्ते पर चलने की शक्ति दी थी।
साहिबज़ादों की शहादत का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहिबज़ादों ने ज़िंदा दीवार में चुनवाया जाना स्वीकार कर लिया, लेकिन ज़ुल्म और अत्याचार के सामने सिर नहीं झुकाया। उन्होंने कहा कि उनकी शहादत पूरी मानवता के लिए साहस और धर्म की रक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण है।

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की धरती हमेशा बलिदान और भाईचारे की मिसाल रही है और आने वाली पीढ़ियों को भी इस इतिहास से सीख लेनी चाहिए।
बेअदबी कानून पर फिर बोले CM मान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बेअदबी के खिलाफ बनाए गए सख्त कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि साहिबज़ादों की कुर्बानी से प्रेरणा लेते हुए उनकी सरकार ने पंजाब में बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया है।
CM मान ने कहा कि जिस धरती पर धर्म की रक्षा के लिए साहिबज़ादों ने अपनी जान दे दी, वहां गुरु साहिब की बेअदबी करने वालों को माफ करना सबसे बड़ा पाप होगा। उन्होंने कहा कि अब ऐसा कानून लागू किया गया है कि कोई भी धार्मिक ग्रंथों और पंजाब के भाईचारे की तरफ बुरी नजर से देखने की हिम्मत नहीं करेगा।
