हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में गजब का रोमांच देखने को मिला। सुबह जब बाजार खुला तो निवेशकों के चेहरे पर मायूसी छा गई। चौतरफा बिकवाली के दबाव में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया और देखते ही देखते करीब 1,043 अंक नीचे फिसल गया। इस भारी गिरावट से एक पल के लिए ऐसा लगा कि आज बाजार में बड़ा नुकसान होने वाला है, लेकिन दोपहर होते-होते कहानी पूरी तरह बदल गई।
सेंसेक्स की जादुई रिकवरी
निचले स्तरों पर आते ही बाजार में अचानक खरीदारों की एंट्री हुई, जिसे शेयर बाजार की भाषा में ‘वैल्यू बाइंग’ कहा जाता है। निवेशकों ने सस्ते दामों पर मिल रहे अच्छे शेयरों को लपकना शुरू कर दिया। इस तगड़ी खरीदारी की बदौलत सेंसेक्स ने अपने दिन के निचले स्तर से करीब 1,100 अंकों की शानदार रिकवरी की। बाजार बंद होने तक सेंसेक्स न सिर्फ घाटे से उबरा, बल्कि 77.05 अंक (0.10%) की हल्की बढ़त के साथ 75,315.04 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा।
किन वजहों से आया यह बड़ा उछाल?
बाजार के इस यू-टर्न के पीछे कुछ बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण कारण रहे:
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लोअर लेवल पर खरीदारी: जब सुबह बाजार बहुत ज्यादा गिर गया, तो बड़े निवेशकों को लगा कि अब शेयर सही कीमत पर मिल रहे हैं। उन्होंने बिना देर किए बाजार में पैसा लगाना शुरू किया।
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आईटी और टेलीकॉम सेक्टर का सहारा: आज के इस उतार-चढ़ाव वाले दिन में आईटी (Information Technology) और टेलीकॉम सेक्टर के शेयरों ने बाजार के लिए ‘हनुमान’ का काम किया। इंफोसिस, टेक महिंद्रा और भारती एयरटेल जैसे बड़े शेयरों में आई तेजी ने डूबते बाजार को संभाल लिया।
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वैश्विक भू-राजनीतिक राहत: दोपहर के सत्र में वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया के तनाव में थोड़ी नरमी के संकेत मिलने से भी निवेशकों के बीच सकारात्मक संदेश गया।
