देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते पांच दिनों में दूसरी बार तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं। इस बार पेट्रोल करीब 87 पैसे और डीजल लगभग 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 98.64 रुपये और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
पांच दिन में दूसरा झटका
इससे पहले 15 मई को पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। अब दूसरी बार हुई बढ़ोतरी ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा हो सकता है। साल 2022 के बाद यह पहली बार है जब लगातार इस तरह कीमतों में बदलाव देखने को मिला है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रूड ऑयल 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक संकट का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है।
तेल कंपनियों पर बढ़ा दबाव
सरकारी तेल कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum लगातार नुकसान झेल रही हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक कंपनियों को हर दिन करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। यही वजह है कि कंपनियों ने कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया।
क्या फिर शुरू होगा 2022 वाला फॉर्मूला?
साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान तेल कंपनियों ने 16 दिनों में 14 बार कीमतें बढ़ाई थीं। तब लगभग रोजाना 80 से 90 पैसे तक दाम बढ़ाए गए थे। अब मौजूदा हालात को देखकर एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि वही फॉर्मूला फिर अपनाया जा सकता है। यानी एक साथ बड़ा झटका देने के बजाय छोटी-छोटी बढ़ोतरी की जा सकती है।
क्या 3 रुपये की बढ़ोतरी काफी नहीं?
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ 3 रुपये या 90 पैसे बढ़ाने से कंपनियों का पूरा नुकसान कवर नहीं होगा। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कंपनियों को ब्रेक-ईवन पर पहुंचने के लिए पेट्रोल में करीब 25 से 28 रुपये और डीजल में 32 रुपये तक अतिरिक्त बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है।
कंपनियों को कितना फायदा?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक पेट्रोल-डीजल पर हर 50 पैसे की बढ़ोतरी से तेल कंपनियों के मुनाफे में बड़ा असर पड़ता है। अनुमान है कि इससे Indian Oil Corporation के EBITDA में 7%, Bharat Petroleum में 8% और Hindustan Petroleum में करीब 11% तक सुधार हो सकता है।
आम जनता पर बढ़ेगा असर
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाने-पीने की चीजें, सब्जियां, दूध और रोजमर्रा का सामान भी महंगा हो सकता है। ऐसे में लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर दबाव बढ़ा दिया है।
