21 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में दिनभर जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत मजबूत रही, लेकिन दिन के अंत तक बाजार अपनी बढ़त कायम नहीं रख सका। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 135.03 अंक यानी 0.18 फीसदी गिरकर 75,183.36 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी मामूली कमजोरी के साथ 23,654 के आसपास बंद हुआ।
सुबह के कारोबार में निवेशकों का मूड सकारात्मक नजर आ रहा था और बाजार में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। लेकिन दोपहर बाद अचानक बिकवाली बढ़ गई, जिससे बाजार लाल निशान में पहुंच गया।
शुरुआती तेजी के बाद क्यों टूटा बाजार?
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में शुरुआती तेजी के पीछे कई वजहें थीं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले अच्छे संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में राहत से निवेशकों का भरोसा बढ़ा था। इसी वजह से शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में अच्छी तेजी देखने को मिली।
हालांकि, दिन चढ़ने के साथ विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली और बाजार में मुनाफावसूली बढ़ने लगी। इसके अलावा बॉन्ड यील्ड में फिर बढ़ोतरी ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया। यही वजह रही कि बाजार अपनी शुरुआती बढ़त गंवा बैठा।
किन सेक्टरों में दिखी कमजोरी?
आज बैंकिंग, ऑटो और कुछ बड़े इंडस्ट्रियल शेयरों में दबाव देखने को मिला। कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के कारण सेंसेक्स नीचे खिंच गया।
हालांकि आईटी और मेटल सेक्टर के कुछ शेयरों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की। Tata Steel और कुछ टेक कंपनियों के शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली।
Reliance Industries जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी का असर भी पूरे बाजार पर दिखाई दिया।
रुपये और कच्चे तेल पर नजर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय निवेशकों की नजर रुपये और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। हाल के दिनों में रुपये में आई कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने बाजार में अस्थिरता बढ़ाई है।
हालांकि आज कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी राहत देखने को मिली, जिससे निवेशकों को कुछ राहत जरूर मिली।
निवेशकों में सतर्कता का माहौल
पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में लगातार तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी बाजार में बड़ी तेजी आती है, तो कभी अचानक बिकवाली शुरू हो जाती है।
