Punjab and Haryana High Court ने नेता Sukhpal Singh Khaira को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उनकी अवमानना याचिका को खारिज कर दिया है।
यह मामला सुखपाल खैरा के पुश्तैनी गांव में जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई से जुड़ा था। कोर्ट में इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए अवमानना याचिका दायर की गई थी।
कोर्ट ने जमीन को माना पंचायती रास्ता
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि विवादित जमीन पंचायती रास्ते का हिस्सा है। अदालत ने कहा कि प्रशासन द्वारा कब्जा हटाने की कार्रवाई नियमों के तहत की गई थी।
कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले को अवमानना का रूप देने की कोशिश की गई, जबकि मामला प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ा था।
न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग की टिप्पणी
बलतेज पन्नू के अनुसार अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए सुखपाल खैरा पर 6 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। उन्होंने कहा कि अदालत ने याचिका पर सख्त टिप्पणी करते हुए इसे न्यायिक प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल माना।
हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यह याचिका न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग का मामला बनती है। अदालत ने माना कि कोर्ट की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया गया।
इसके साथ ही कोर्ट ने सुखपाल सिंह खैरा पर 6 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद पंजाब की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
