इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है — Cockroach Janta Party। यह कोई पारंपरिक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि युवाओं से जुड़ा एक व्यंग्यात्मक डिजिटल मूवमेंट है, जिसने कुछ ही दिनों में इंस्टाग्राम पर करोड़ों फॉलोअर्स जुटाकर सबको चौंका दिया है। (abplive.com)
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अकाउंट ने बेहद कम समय में 1 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हासिल कर लिए। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इसके फॉलोअर्स की संख्या BJP और कई दूसरी राजनीतिक पार्टियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स के करीब पहुंच गई या उन्हें पार कर गई।
कैसे शुरू हुआ यह ट्रेंड?
Cockroach Janta Party की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्य और विरोध अभियान के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि यह मूवमेंट युवाओं की बेरोजगारी, पेपर लीक और सिस्टम को लेकर नाराजगी को मजाकिया अंदाज में सामने लाने के लिए शुरू किया गया था।
इसका नाम भी काफी अलग और अजीब होने की वजह से तेजी से वायरल हो गया। इंस्टाग्राम पर इसके पोस्ट, मीम्स और वीडियो खासकर Gen Z यूजर्स के बीच काफी पसंद किए जा रहे हैं।
कौन है इसका संस्थापक?
रिपोर्ट्स के अनुसार इस डिजिटल अभियान को अभिजीत दीपके नाम के सोशल मीडिया प्रोफेशनल ने शुरू किया। बताया जा रहा है कि वे पहले राजनीतिक सोशल मीडिया कैंपेन से जुड़े रहे हैं।
सोशल मीडिया पर उनकी रणनीति और युवाओं से जुड़ी भाषा ने इस अभियान को तेजी से वायरल करने में बड़ी भूमिका निभाई।
BJP और कांग्रेस से तुलना क्यों?
इस मूवमेंट की सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के मामले में इसकी तुलना बड़ी राजनीतिक पार्टियों से होने लगी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक BJP के इंस्टाग्राम अकाउंट के करीब 8.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जबकि कांग्रेस के अकाउंट के 13 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। Cockroach Janta Party कुछ ही दिनों में इन आंकड़ों के करीब पहुंच गई।
युवाओं के बीच क्यों हो रही लोकप्रिय?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ मजाक या मीम पेज नहीं, बल्कि युवाओं की नाराजगी और सोशल मीडिया संस्कृति का नया रूप बन चुका है।
बेरोजगारी, एग्जाम सिस्टम, राजनीतिक जवाबदेही और इंटरनेट कल्चर जैसे मुद्दों को व्यंग्य के जरिए पेश करने की वजह से बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़ रहे हैं।
इसके पोस्ट का अंदाज हल्का-फुल्का और मजाकिया जरूर है, लेकिन कई लोग इसे युवाओं की भावनाओं की डिजिटल आवाज भी मान रहे हैं।
