पंजाब सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों—श्री हरमंदिर साहिब, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को आधिकारिक रूप से ‘पवित्र शहर’ का दर्जा प्रदान किया है। पंजाब सरकार का यह फैसला न केवल धार्मिक आस्था को सम्मान देता है, बल्कि इन शहरों के समग्र विकास का रास्ता भी खोलता है।
इस निर्णय के तहत इन शहरों में शराब, तंबाकू और मांस की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लागू किया गया है, जिससे इन स्थानों की पवित्रता और धार्मिक माहौल को बनाए रखा जा सके। इसके साथ ही स्वच्छता, ट्रैफिक प्रबंधन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं।
श्री हरमंदिर साहिब जिसे विश्वभर में स्वर्ण मंदिर के नाम से जाना जाता है, हर साल 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। वहीं श्री आनंदपुर साहिब, जहां खालसा पंथ की स्थापना हुई थी, धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। तलवंडी साबो, जिसे ‘गुरु की काशी’ भी कहा जाता है, सिख धर्म के पांच तख्तों में से एक—तख्त श्री दमदमा साहिब—का स्थान है।
सरकार ने इन शहरों के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन, सफाई व्यवस्था और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं पर विशेष फोकस किया है। बेहतर सड़कें, पार्किंग, लाइटिंग और आधुनिक सुविधाओं से इन धार्मिक स्थलों को और अधिक व्यवस्थित बनाया जा रहा है। इसके अलावा, तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं भी लागू की जा रही हैं।
इस पहल का उद्देश्य केवल धार्मिक मर्यादा बनाए रखना ही नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करना है। तीर्थ स्थलों पर बढ़ती आवाजाही से छोटे व्यापारियों, होटल और परिवहन क्षेत्र को भी लाभ मिल रहा है।
पंजाब सरकार का यह कदम राज्य की समृद्ध धार्मिक विरासत को संरक्षित करने और उसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। ‘पवित्र शहर’ का दर्जा इन स्थलों की गरिमा को और बढ़ाता है और श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ, शांत और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करता है।
