भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार की रात (21 जुलाई) को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। देश के 14वें उपराष्ट्रपति रहे धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था, लेकिन उन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ दिया। इस्तीफे का कारण उन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता बताया है।
धनखड़ ने संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा। इस खबर के सामने आते ही देशभर में चर्चा शुरू हो गई है कि अब भारत का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा।
इस्तीफे की वजह क्या है?
धनखड़ ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि,
“डॉक्टरों की सलाह को मानते हुए और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मैं उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं।”
इस बयान से साफ है कि धनखड़ ने कोई राजनीतिक कारण नहीं, बल्कि अपनी सेहत को देखते हुए यह फैसला लिया है। पिछले कुछ महीनों से उनकी सार्वजनिक गतिविधियाँ भी सीमित हो गई थीं, जिससे कयास लगाए जा रहे थे कि वे स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।
अब अगला उपराष्ट्रपति कौन?
धनखड़ के इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा?
हालांकि सरकारी रूप से कोई नाम घोषित नहीं हुआ है, लेकिन एक नाम चर्चा में है – हरिवंश नारायण सिंह।
हरिवंश नारायण सिंह जेडीयू के राज्यसभा सांसद हैं और 2020 से राज्यसभा के उपसभापति के पद पर कार्यरत हैं। उनका कार्यकाल भी इसी महीने खत्म हो रहा है। ऐसे में उन्हें अगला उपराष्ट्रपति बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
क्या पहले भी किसी उपराष्ट्रपति ने कार्यकाल से पहले इस्तीफा दिया है?
धनखड़ भारत के तीसरे उपराष्ट्रपति हैं जिन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दिया है।
इससे पहले:
- वीवी गिरि ने राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने के लिए इस्तीफा दिया था।
- आर. वेंकटरमन ने भी राष्ट्रपति चुनाव में उतरने के लिए उपराष्ट्रपति पद छोड़ा था।
लेकिन धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है, जो उन्हें इन दोनों से अलग बनाता है।
धनखड़ का अब तक का सफर
उपराष्ट्रपति बनने से पहले धनखड़ 2019 से 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं।
राजनीति में उन्होंने 1990 में चंद्रशेखर सरकार में केंद्रीय संसदीय राज्य मंत्री के रूप में काम किया था।
वे राजस्थान के झुंझुनू लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रह चुके हैं और 1993 से 1998 तक राजस्थान विधानसभा के सदस्य भी।
धनखड़ का वकालत का करियर भी काफी लंबा रहा है।
- 1990 में उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट में वकालत शुरू की।
- बाद में सुप्रीम कोर्ट और कई हाई कोर्टों में प्रैक्टिस की।
- वे राजस्थान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
जगदीप धनखड़ का इस्तीफा देश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम है। अब सबकी नजरें नए उपराष्ट्रपति के चुनाव पर टिकी हैं। यह आने वाला समय बताएगा।
