देशभर के सर्राफा बाजार में 25 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और डॉलर की चाल का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। आज 24 कैरेट सोने का दाम करीब 1,59,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया, जबकि 22 कैरेट गोल्ड लगभग 1,45,790 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। वहीं चांदी की कीमत 2,84,900 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई।
दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में क्या है भाव
दिल्ली और मुंबई में 22 कैरेट सोने का रेट लगभग 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। चेन्नई और हैदराबाद में कीमतें थोड़ी ज्यादा दर्ज की गईं। चांदी की कीमत भी अलग-अलग शहरों में मामूली अंतर के साथ बिक रही है। चेन्नई और हैदराबाद में 1 किलो चांदी का भाव लगभग 2.94 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
MCX में भी दिखी तेजी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी आज सोना और चांदी दोनों में हलचल रही। जून 2026 गोल्ड फ्यूचर करीब 1,58,500 रुपये के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं जुलाई सिल्वर फ्यूचर 2.71 लाख रुपये प्रति किलो के करीब ट्रेड करता नजर आया। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक तनाव और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की तरफ बढ़ती दिलचस्पी की वजह से कीमती धातुओं में तेजी बनी हुई है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका-ईरान तनाव, डॉलर की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की गतिविधियों का असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। इसके अलावा भारत में आयात शुल्क और रुपये की कमजोरी भी दाम बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। हाल ही में सरकार द्वारा कीमती धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाए जाने के बाद बाजार में तेजी और बढ़ गई।
शादी और त्योहारों के सीजन में बढ़ी चिंता
सोने की लगातार बढ़ती कीमतों ने शादी और त्योहारों की खरीदारी करने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ज्वेलरी दुकानों पर ग्राहक पहुंच तो रहे हैं, लेकिन भारी कीमतों की वजह से लोग हल्के वजन के गहनों की तरफ ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। कई लोग अब 18 कैरेट और हल्के डिजाइन वाले आभूषण खरीदना पसंद कर रहे हैं।
निवेशकों की नजर बाजार पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव बढ़ता है तो सोना नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि मुनाफावसूली के चलते कीमतों में हल्की गिरावट भी आ सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिकी बाजार और डॉलर इंडेक्स पर बनी हुई है।
