पंजाब अब देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जो हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट डेटा की मदद से जंगलों की सीमाओं की मैपिंग करेगा। सरकार का मानना है कि इससे जंगलों की जमीन को सुरक्षित रखने और अवैध कब्जों को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी।
यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक की मदद से जंगलों की सही सीमाएं तय की जाएंगी, जिससे भविष्य में विवाद कम होंगे और सरकारी रिकॉर्ड भी ज्यादा सटीक बनेंगे।
2,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की होगी मैपिंग
इस पूरी प्रक्रिया में करीब 2,000 वर्ग किलोमीटर जंगल वाले इलाके को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा लगभग 50,000 किलोमीटर तक फैली नहरों, सड़कों और रेलवे ट्रैक की भी मैपिंग की जाएगी।
सरकार का कहना है कि सैटेलाइट डेटा के जरिए जमीन की स्थिति को बहुत साफ और सटीक तरीके से देखा जा सकेगा। इससे जंगलों के आसपास होने वाले अतिक्रमण पर नजर रखना आसान होगा।
आधुनिक तकनीक पर जोर दे रही मान सरकार
CM Bhagwant Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार पुराने तरीकों की जगह आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दे रही है। सरकार का उद्देश्य पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील इलाकों को सुरक्षित रखना और जंगलों से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवादों को खत्म करना है।
अधिकारियों के अनुसार इस तकनीक से पारदर्शिता बढ़ेगी और जंगलों से जुड़े रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकेंगे। इससे भविष्य में विकास कार्यों और पर्यावरण सुरक्षा के बीच बेहतर संतुलन बनाने में भी मदद मिलेगी।
