पंजाब की मान सरकार ने धान सीजन के दौरान किसानों को बिना रुकावट बिजली उपलब्ध कराने के लिए बड़ी तैयारी की है। सरकार का कहना है कि इस बार किसानों को रोजाना 8 घंटे से ज्यादा बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि खेती के काम में किसी तरह की परेशानी न आए।
धान की रोपाई के समय किसानों को सबसे ज्यादा जरूरत बिजली की होती है, क्योंकि खेतों में पानी लगाने के लिए ट्यूबवेल लगातार चलते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए PSPCL ने पूरे राज्य में बिजली व्यवस्था मजबूत करने का दावा किया है।
24 घंटे निगरानी करेंगी विशेष टीमें
सरकार के मुताबिक धान सीजन के दौरान बिजली से जुड़ी किसी भी तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें 24 घंटे निगरानी करेंगी और ट्रांसफॉर्मर खराब होने, लाइन फॉल्ट या अन्य समस्याओं का तेजी से समाधान करेंगी।
बिजली विभाग ने कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर और बिजली लाइनों की पहले से जांच भी शुरू कर दी है, ताकि सीजन के दौरान किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े। इससे खेतों में सिंचाई का काम लगातार जारी रह सकेगा।
DSR तकनीक से पानी बचाने पर जोर
मान सरकार सिर्फ बिजली सप्लाई ही नहीं, बल्कि खेती में पानी बचाने की दिशा में भी काम कर रही है। सरकार ने वर्ष 2026-27 में 5 लाख एकड़ जमीन को DSR यानी डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस तकनीक के तहत लाने का लक्ष्य रखा है।
इस तकनीक से धान की खेती में पानी की खपत कम होती है और किसानों की लागत भी घटती है। सरकार का मानना है कि DSR तकनीक आने वाले समय में पंजाब के घटते भूजल स्तर को बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
