अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान और इजरायल दोनों एक-दूसरे पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। ट्रंप के अनुसार, उनकी मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर एक महत्वपूर्ण समझौता हो सकता है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।
होरमुज़ जलडमरूमध्य खोलने का दावा
ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद होरमुज़ जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को खोल दिया जाएगा। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। इसके खुलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को राहत मिल सकती है।
परमाणु हथियारों पर सख्त रुख
पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ऐसे समझौते के अंतिम चरण में है जो किसी भी रूप में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनने की संभावना है।
नेतन्याहू से हुई बातचीत
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बातचीत की है। उनके अनुसार, हाल के घटनाक्रम में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की, लेकिन अब स्थिति को शांत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देश कम से कम अगले एक सप्ताह तक एक-दूसरे के खिलाफ कोई नया हमला नहीं करेंगे।
सैन्य कार्रवाई के बजाय समझौते पर जोर
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका चाहे तो ईरान के खिलाफ लंबे समय तक सैन्य अभियान चला सकता है, लेकिन इससे भारी तबाही और जानमाल का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि कूटनीतिक समाधान और समझौता किसी भी सैन्य कार्रवाई से अधिक प्रभावी साबित हो सकता है। ट्रंप के मुताबिक, आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों ने ईरान पर बड़ा असर डाला है और यही कारण है कि बातचीत आगे बढ़ रही है।
लेबनान की स्थिति पर भी टिप्पणी
ट्रंप ने क्षेत्रीय तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि लेबनान सहित पूरे क्षेत्र की स्थिरता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांति और स्थिरता की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए।
