पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावट पर रोक लगाने के लिए ‘शुद्ध दूध, तंदुरुस्त पंजाब’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत लोगों की शिकायतें दर्ज करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-2202 शुरू की गई है। इसके साथ ही अभियान की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है।
हजारों दूध के नमूनों की हुई जांच
पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री Gurmeet Singh Khudian ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से अब तक विभाग ने 160 जागरूकता शिविरों का आयोजन किया है। इन शिविरों के दौरान 6,000 दूध के नमूनों की जांच की गई, ताकि लोगों तक शुद्ध दूध पहुंचाया जा सके और मिलावट करने वालों पर नजर रखी जा सके।
मोबाइल लैब और नई जांच किटों की सुविधा
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 4 मोबाइल प्रयोगशाला वैन घर-घर जाकर दूध की जांच कर रही हैं। जल्द ही 5 नई मोबाइल लैब वैन भी इस अभियान में शामिल की जाएंगी। इसके अलावा, Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University के सहयोग से विभाग ने 5,000 पोर्टेबल टेस्ट किटें जिला डेयरी विकास कार्यालयों को और 500 किटें पशुपालन विभाग के वेटरनरी पॉलीक्लीनिकों तथा जागरूकता शिविरों के लिए उपलब्ध कराई हैं।
मौके पर होगी मिलावट की जांच
इन आधुनिक टेस्ट किटों की मदद से दूध में फैट, एसएनएफ (SNF), प्रोटीन के अलावा यूरिया, स्टार्च और हाइड्रोजन पेरॉक्साइड जैसी मिलावटी चीजों की मौके पर ही जांच की जा सकेगी। इससे अधिकारियों और डेयरी किसानों को तुरंत दूध की गुणवत्ता का पता चल सकेगा और केंद्रीय प्रयोगशालाओं पर निर्भरता भी कम होगी।
लोगों से सहयोग की अपील
मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि मिलावटी दूध लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और इससे ईमानदार डेयरी किसानों को भी नुकसान होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उन्हें दूध की गुणवत्ता पर संदेह हो तो वे टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-2202 पर शिकायत दर्ज कराएं। वहीं, विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि नागरिक जिला डिप्टी डायरेक्टर कार्यालयों में अपने दूध के नमूनों की निःशुल्क जांच भी करवा सकते हैं। इस अभियान का उद्देश्य पूरे पंजाब में सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध कराना तथा लोगों को मिलावट के प्रति जागरूक बनाना है।
