स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर इस घटना को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और सरकार के रुख पर सवाल उठाए।
अमेरिका के रवैये पर जताई नाराजगी
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि घटना के बाद अमेरिका की ओर से न तो कोई शोक व्यक्त किया गया और न ही माफी मांगी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय अमेरिकी पक्ष की ओर से आदेशात्मक भाषा का इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस नेता का कहना है कि किसी भी स्वतंत्र और स्वाभिमानी देश के लिए ऐसी भाषा स्वीकार करना उचित नहीं माना जा सकता।
प्रधानमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल
अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मामले पर सरकार की ओर से स्पष्ट और मजबूत प्रतिक्रिया सामने आनी चाहिए थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर अपेक्षित दृढ़ता नहीं दिखा रही है।
विदेश नीति को लेकर की टिप्पणी
कांग्रेस नेता ने इस घटना के बहाने देश की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। राहुल गांधी का मानना है कि ऐसे मामलों में देश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राजनीतिक बहस हुई तेज
तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दल लगातार सरकार से इस मामले में जवाब मांग रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से कूटनीतिक स्तर पर उठाए गए कदमों पर भी चर्चा जारी है। राहुल गांधी के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
घटना को लेकर बढ़ी चिंता
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में वहां हुई इस घटना ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री गतिविधियों को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। विभिन्न राजनीतिक दल और संगठन इस मामले पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
