18 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूती दिखाई। बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंकों यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,409.98 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 24,150 के ऊपर बंद होने में सफल रहा। दिन की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई, लेकिन कारोबार के अंतिम घंटों में खरीदारी बढ़ने से बाजार हरे निशान में बंद हुआ।
वैश्विक संकेतों के बीच दिखी मजबूती
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख (हॉकिश स्टैंड) के कारण शुरुआती कारोबार में निवेशकों में थोड़ी सावधानी देखने को मिली। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूत वापसी की और लगातार पांचवें दिन बढ़त दर्ज की। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेशकों का भरोसा बाजार को समर्थन दे रहा है।
किन सेक्टरों ने दिया सहारा
आज के कारोबार में एविएशन, रिटेल और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों ने बाजार को ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि आईटी सेक्टर में कुछ कमजोरी दर्ज की गई, जिससे बाजार की तेजी थोड़ी सीमित रही।
कच्चे तेल में नरमी का फायदा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। तेल की कीमतें कम रहने से आयात लागत और महंगाई पर दबाव कम हो सकता है। यही वजह है कि निवेशकों का रुझान भारतीय इक्विटी बाजार की ओर बना हुआ है।
निवेशकों का बढ़ा उत्साह
पिछले कुछ दिनों से बाजार में लगातार तेजी का माहौल बना हुआ है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में सुधार के चलते निवेशकों की संपत्ति में भी बढ़ोतरी हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली, जिससे व्यापक बाजार की स्थिति मजबूत बनी रही।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
