मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वीडियो विवाद को लेकर नया दावा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, दो स्वतंत्र और प्रतिष्ठित फोरेंसिक प्रयोगशालाओं ने वीडियो की जांच की और दोनों की रिपोर्ट में एक जैसा निष्कर्ष निकला। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं है।
कई तकनीकी पहलुओं की हुई जांच
फोरेंसिक विशेषज्ञों ने वीडियो की जांच के दौरान चेहरे की बनावट, ऊंचाई, शरीर की संरचना, चलने के तरीके, त्वचा के रंग और साइड व बैक प्रोफाइल जैसे कई तकनीकी पहलुओं का विश्लेषण किया। जांच में इन सभी बिंदुओं पर वीडियो में दिख रहे व्यक्ति और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच स्पष्ट अंतर बताए गए हैं।
साजिश का लगाया आरोप
इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश बताया है। उनका आरोप है कि एक कथित फर्जी वीडियो के जरिए राजनीतिक लाभ हासिल करने और लोगों की भावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश की गई। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी।
दोषियों की पहचान पर जोर
बयान में कहा गया है कि वीडियो से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी रहेगी और इस कथित साजिश में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगी कि वीडियो किसने तैयार किया और इसे किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया।
