आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सरकार आंदोलन को सही तरीके से समझने में विफल रही और हालात बिगड़ने के बाद जल्दबाजी में फैसले लिए गए।
पुलिस कमिश्नर बदलने को लेकर उठाए सवाल
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार ने घबराहट में दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा को हटाकर उनकी जगह अनुराग कुमार को नियुक्त किया। उन्होंने कहा कि नए पुलिस आयुक्त ने कार्यभार संभालने के पहले ही दिन सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने की कार्रवाई कराई। हालांकि केंद्र सरकार ने इस बदलाव को नियमित प्रशासनिक फैसला बताया है।
युवा आंदोलन को कम आंकने का आरोप
AAP नेता ने कहा कि सरकार ने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और युवाओं, खासकर Gen Z, के समर्थन को गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, आंदोलन को कमजोर समझने की रणनीति उलटी पड़ गई और अब यह मुद्दा देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान
सौरभ भारद्वाज ने लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ अभियान में शामिल होने की अपील की। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि सोनम वांगचुक को उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल ले जाया गया था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद आंदोलन और राजनीतिक बयानबाजी दोनों तेज हो गई हैं।
