सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया है। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद यह फैसला लिया। वांगचुक ने बताया कि लंबे समय तक चली बातचीत और विभिन्न पक्षों के साथ विचार-विमर्श के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि केंद्रीय मंत्रियों और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया। वांगचुक ने यह भी बताया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर अनशन खत्म करने का आग्रह किया था।
मेदांता अस्पताल में चल रहा था इलाज
अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद सोनम वांगचुक को पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें बेहतर इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल भेजने का निर्देश दिया। इसके बाद से उनका इलाज वहीं चल रहा था।
सरकार से हुई अहम बातचीत
मेदांता अस्पताल में जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। वांगचुक ने कहा कि बातचीत के बाद उन्हें भरोसा मिला और कई विषयों पर आगे चर्चा का आश्वासन दिया गया। उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी वह जल्द ही अलग से साझा करेंगे।
शांति बनाए रखने की अपील
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए और सभी को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए ही समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने भी दी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा कि वे डॉक्टरों की सलाह का पालन करें और जल्द पूरी तरह स्वस्थ हों।
