सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनिश्चितकालीन अनशन को समाप्त कर दिया है। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने अपना अनशन तोड़ा। लंबे समय तक चले इस अनशन ने देशभर में चल रहे परीक्षा सुधार आंदोलन को नई पहचान दी।
जंतर-मंतर का आंदोलन जारी रहेगा
वांगचुक के अनशन खत्म करने के बावजूद जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रही सीजेपी (Cockroach Janta Party) ने साफ कहा है कि उनका शांतिपूर्ण आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते। संगठन का कहना है कि उनकी मुख्य मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं और प्रदर्शन जारी रहेगा।
अभिजीत दिपके ने वांगचुक का जताया आभार
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने अपने 26 दिन के अनशन से पूरे देश का ध्यान छात्रों के मुद्दों की ओर खींचा है। दिपके ने उनके साहस और त्याग की सराहना करते हुए कहा कि आंदोलन अब भी अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
आंदोलनकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
सरकार के आश्वासन के बाद लिया फैसला
सोनम वांगचुक ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और परीक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का भरोसा दिया है। वांगचुक ने कहा कि बातचीत के आधार पर आगे की दिशा तय की जाएगी।
शांतिपूर्ण आंदोलन पर रहेगा जोर
वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के बाद समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना है और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचना जरूरी है। दूसरी ओर, सीजेपी ने भी दोहराया कि जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा।
