पंजाब सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता वितरण को तेज करते हुए चालू वित्तीय वर्ष में जून 2026 तक 2,150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य राज्य के जरूरतमंद और कमजोर वर्गों तक समय पर आर्थिक सहायता पहुंचाना है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि विभाग लगातार यह सुनिश्चित कर रहा है कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के योजनाओं का लाभ मिले।
करीब 36 लाख लोग उठा रहे योजनाओं का लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में लगभग 35.90 लाख लोग विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े हुए हैं। इनमें बुजुर्ग, विधवा महिलाएं, दिव्यांगजन, निराश्रित महिलाएं और आश्रित बच्चे शामिल हैं। सरकार का दावा है कि लाभार्थियों के बैंक खातों में सहायता राशि सीधे भेजी जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी हुई है और लोगों को समय पर आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
वृद्धावस्था पेंशन पर सबसे अधिक खर्च
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में सबसे अधिक राशि वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए जारी की गई है। इस मद में 1,423 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। इससे राज्य के करीब 23.77 लाख वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार का मानना है कि बुजुर्गों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अन्य योजनाओं के लिए भी जारी हुई बड़ी राशि
वृद्धावस्था पेंशन के अलावा विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और अन्य सामाजिक सहायता योजनाओं के लिए 727 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। इन योजनाओं के तहत करीब 12.13 लाख लाभार्थियों को आर्थिक सहायता मिल रही है। सरकार का कहना है कि समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए इन योजनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
6,130 करोड़ रुपये का बजट और अधिकारियों को निर्देश
सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 6,130 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है। मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र लोगों के आवेदनों का समयबद्ध सत्यापन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी योग्य व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही लाभ वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
