अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताज़ा कीमतें जरूर जान लें। 31 जुलाई को देश के प्रमुख शहरों के लिए सोने और चांदी के नए रिटेल रेट जारी कर दिए गए हैं। अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला है, जबकि 999 शुद्धता वाली चांदी के दाम भी अपडेट किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, डॉलर की स्थिति और वैश्विक आर्थिक घटनाओं का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर लगातार दिखाई दे रहा है।
24 कैरेट और 22 कैरेट सोने में क्या है अंतर?
बाजार में मुख्य रूप से 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की सबसे ज्यादा मांग रहती है। 24 कैरेट सोना लगभग पूरी तरह शुद्ध माना जाता है और इसे निवेश के लिए बेहतर विकल्प समझा जाता है। वहीं 22 कैरेट सोने में अन्य धातुओं की थोड़ी मात्रा मिलाई जाती है, जिससे यह अधिक मजबूत बनता है। यही कारण है कि अधिकांश लोग आभूषण बनवाने के लिए 22 कैरेट सोना खरीदना पसंद करते हैं। इसलिए खरीदारी करते समय केवल कीमत ही नहीं, बल्कि सोने की शुद्धता पर भी ध्यान देना जरूरी होता है।
दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में क्या रहे भाव?
देश की राजधानी दिल्ली, आर्थिक राजधानी मुंबई और कोलकाता सहित कई बड़े शहरों के लिए आज के रिटेल रेट जारी किए गए हैं। शहर के अनुसार टैक्स, स्थानीय शुल्क और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसी वजह से ग्राहक को खरीदारी से पहले अपने शहर के अधिकृत ज्वेलर या सर्राफा बाजार में ताजा भाव की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। इससे सही कीमत पर खरीदारी करना आसान हो जाता है।
क्यों बदलते रहते हैं सोने-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतें हर दिन बदलती रहती हैं। इसके पीछे कई कारण होते हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, केंद्रीय बैंकों की नीतियां, वैश्विक तनाव और निवेशकों की मांग प्रमुख हैं। जब दुनिया में आर्थिक या राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तब निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं। इसी कारण इसकी कीमतों में तेजी या गिरावट देखने को मिलती है। हाल के दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों पर बाजार की नजर बनी हुई है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोना खरीदते समय केवल प्रति 10 ग्राम की कीमत देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। हॉलमार्क, शुद्धता, मेकिंग चार्ज, जीएसटी और बिल की जांच भी उतनी ही जरूरी है। यदि निवेश के उद्देश्य से खरीदारी कर रहे हैं, तो बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सही समय का इंतजार करना फायदेमंद हो सकता है।
