आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया तेजी से नई तकनीकों की ओर बढ़ रही है, लेकिन भारत में सरकार की प्राथमिकताएं अलग दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि चीन कृत्रिम सूरज (आर्टिफिशियल सन) जैसी उन्नत तकनीकों पर काम कर रहा है, जबकि भारत में बच्चों और छात्रों पर एफआईआर दर्ज कराने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। केजरीवाल ने कहा कि देश को भविष्य की चुनौतियों और तकनीकी विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
AI और नई तकनीकों में नेतृत्व की बात
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में तेजी से निवेश कर रही है। उनका मानना है कि भारत के पास भी प्रतिभाशाली युवा और मजबूत तकनीकी क्षमता है, इसलिए देश को इन क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सही नीतियां बनाई जाएं और नवाचार को बढ़ावा दिया जाए, तो भारत तकनीक के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी ताकत बन सकता है।
युवाओं को अवसर देने पर दिया जोर
केजरीवाल ने कहा कि देश के युवाओं को मुकदमों और विवादों में उलझाने के बजाय उन्हें बेहतर शिक्षा, शोध, स्टार्टअप और नवाचार के अवसर मिलने चाहिए। उनका कहना था कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी ऊर्जा का उपयोग विज्ञान, तकनीक और नए आविष्कारों में होना चाहिए। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
भविष्य की तैयारी पर रखा अपना पक्ष
आप प्रमुख ने कहा कि आने वाला समय तकनीक और नवाचार का है। ऐसे में भारत को भी भविष्य की जरूरतों के अनुसार अपनी नीतियां तैयार करनी होंगी। उन्होंने कहा कि यदि देश AI, आधुनिक विज्ञान और नई खोजों पर लगातार काम करेगा, तो भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज़ को महत्व देना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
