स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। ताजा पदक तालिका के अनुसार भारत ने अब तक 25 पदक अपने नाम कर लिए हैं। इनमें 5 स्वर्ण, 13 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं। कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है और पदक तालिका में भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
जूडो, एथलेटिक्स और मुक्केबाजी में शानदार प्रदर्शन
भारत के लिए जूडो और एथलेटिक्स सबसे सफल खेलों में शामिल रहे हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने इन प्रतियोगिताओं में कई महत्वपूर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा। वहीं मुक्केबाजी में भी भारतीय मुक्केबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई भार वर्गों के फाइनल में जगह बनाई। इससे आने वाले मुकाबलों में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
नीरज चोपड़ा समेत कई खिलाड़ियों ने दिलाया सम्मान
स्टार जैवलिन थ्रो खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने रजत पदक जीतकर भारत की पदक संख्या बढ़ाई। वहीं अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने भी विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर देश को कई रजत और कांस्य पदक दिलाए। युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलित प्रदर्शन भारतीय दल की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है।
अंतिम मुकाबलों पर टिकी हैं उम्मीदें
कॉमनवेल्थ गेम्स के अंतिम चरण में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और अन्य व्यक्तिगत स्पर्धाओं से है। कई भारतीय खिलाड़ी स्वर्ण पदक मुकाबलों में उतरने वाले हैं। यदि उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहा तो भारत की कुल पदक संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है और पदक तालिका में भी देश की रैंकिंग बेहतर होने की संभावना है।
युवा खिलाड़ियों ने बढ़ाया देश का भरोसा
इस बार के कॉमनवेल्थ गेम्स में कई युवा खिलाड़ियों ने पहली बार बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। उनके आत्मविश्वास और लगातार बेहतर प्रदर्शन ने भारतीय खेलों के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद को और मजबूत किया है। ग्लासगो में मिला यह अनुभव आने वाले एशियाई खेलों, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
