सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 210.08 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78,428.95 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 159.40 अंक टूटकर 24,614.90 के स्तर पर बंद हुआ। पिछले चार कारोबारी सत्रों की लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार दबाव में आ गया।
बाजार पर क्यों बना दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में बाजार में आई तेज बढ़त के बाद कई निवेशकों ने अपने मुनाफे की बुकिंग की। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति की घोषणा से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इसी वजह से कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव बढ़ा और अंत में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
इन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा कमजोरी
आज के कारोबार में रियल्टी, आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। हालांकि मीडिया और मेटल सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी बनी रही, जिससे इन क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार में कुल मिलाकर खरीद और बिकवाली लगभग बराबर रही, लेकिन बड़े शेयरों पर दबाव अधिक दिखाई दिया।
बढ़ी बाजार की अस्थिरता
कारोबार के दौरान इंडिया VIX में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत माना जाता है। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और आगामी आर्थिक घटनाओं के कारण निवेशकों ने फिलहाल सावधानी बरतना बेहतर समझा। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर RBI के ब्याज दर संबंधी फैसले, केंद्रीय बैंक के आर्थिक दृष्टिकोण, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, वैश्विक बाजारों के रुख और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। इन कारकों के आधार पर बाजार की अगली दिशा तय हो सकती है।
