पंजाब विधानसभा में E20 पेट्रोल के मुद्दे पर प्रस्ताव पेश किया गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में इस प्रस्ताव को रखते हुए कहा कि यह विषय सीधे आम लोगों और करोड़ों वाहन मालिकों से जुड़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार की E20 नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे तय समय से पहले लागू किया गया।
ईंधन नीति पर उठाए सवाल
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2030 के लक्ष्य से पहले ही E20 पेट्रोल को बढ़ावा देना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से पहले आम लोगों और वाहन विशेषज्ञों की चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने इथेनॉल की खरीद और इससे जुड़ी नीति पर भी सवाल उठाए।
पुराने वाहनों को नुकसान की आशंका
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अप्रैल 2023 से पहले बने करीब 30 करोड़ वाहनों के इंजन E20 पेट्रोल के उपयोग से प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना था कि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता सामान्य पेट्रोल की तुलना में कम होती है, इसलिए समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की आवश्यकता पड़ सकती है। इससे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ने की आशंका है।
आम पेट्रोल का विकल्प देने की मांग
वित्त मंत्री ने सदन में मांग रखी कि लोगों को E20 पेट्रोल के साथ-साथ सामान्य पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि वाहन मालिक अपनी जरूरत और वाहन की क्षमता के अनुसार ईंधन का चुनाव कर सकें। उन्होंने कहा कि किसी भी नई ईंधन नीति को लागू करने से पहले जनता के हितों और तकनीकी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
