पंजाब विधानसभा में E20 पेट्रोल के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर सरकार के कई मंत्रियों ने अपने विचार रखे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद और कैबिनेट मंत्री रवजोत सिंह ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार की E20 नीति पर सवाल उठाए। मंत्रियों ने कहा कि यह मुद्दा राज्य के लाखों वाहन मालिकों और आम लोगों से जुड़ा हुआ है।
वाहन उपभोक्ताओं के हितों का उठाया मुद्दा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि E20 पेट्रोल को बिना पर्याप्त विकल्प दिए लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे वाहन उपभोक्ताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सदन में विपक्ष द्वारा रखे गए तर्कों का भी जवाब देते हुए कहा कि इस विषय पर लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
E20 लागू करने पर उठाए सवाल
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने कहा कि लोगों को सामान्य पेट्रोल का विकल्प दिए बिना E20 लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे आम वाहन मालिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस नीति के पर्यावरणीय प्रभावों का भी व्यापक स्तर पर अध्ययन किया जाना चाहिए।
पुराने वाहनों को लेकर जताई चिंता
कैबिनेट मंत्री रवजोत सिंह ने कहा कि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता सामान्य पेट्रोल की तुलना में कम बताई जाती है, जिसके कारण समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2023 से पहले बने करोड़ों वाहनों के इंजन पर इसके प्रभाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि लोगों को E20 के साथ-साथ सामान्य पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि वाहन मालिक अपनी जरूरत और वाहन की क्षमता के अनुसार ईंधन का चुनाव कर सकें।
