पंजाब विधानसभा में E20 पेट्रोल के मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह विषय देशभर के करोड़ों वाहन मालिकों और आम लोगों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी नई ईंधन नीति को लागू करते समय जनता की चिंताओं और तकनीकी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सरकार लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज करती है तो इससे भरोसा कमजोर होता है।
देशभर में चिंता का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि E20 पेट्रोल को लेकर देश के कई हिस्सों में लोगों के बीच चिंता का माहौल है। विभिन्न सर्वेक्षणों और वाहन उपयोगकर्ताओं से मिले फीडबैक में कई तरह की आशंकाएं सामने आई हैं। सरकार को इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और विशेषज्ञों की राय के आधार पर आगे का फैसला लेना चाहिए।
वाहन मालिकों के हितों की बात
भगवंत मान ने कहा कि पुराने वाहनों के मालिकों की चिंताओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी नई व्यवस्था से लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने या वाहनों पर असर पड़ने की आशंका है, तो सरकार को पहले उसका समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपनी जरूरत और वाहन की क्षमता के अनुसार ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल के प्रयासों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने E20 पेट्रोल के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा किए गए प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जनता की ओर से उठाई जा रही चिंताओं को संबंधित स्तर पर पहुंचाने की कोशिश की गई है और इस विषय पर लोगों की राय को महत्व दिया जाना चाहिए।
