भारतीय शेयर बाजार ने 5 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच बढ़त के साथ दिन का समापन किया। बीएसई सेंसेक्स 152.05 अंकों यानी 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,581.00 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 9.75 अंक चढ़कर 24,624.65 के स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान बाजार में कई बार तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंत में दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
RBI के फैसले का बाजार पर असर
बाजार की नजर पूरे दिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति पर रही। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा। इस फैसले से शुरुआती कारोबार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा, हालांकि दिन चढ़ने के साथ कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों को लेकर चिंता भी दिखाई दी।
इन सेक्टरों ने दिखाई मजबूती
आज के कारोबार में ऑटो, मेटल और रियल्टी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, बैंकिंग और कुछ आईटी शेयरों में दबाव बना रहा, जिससे बाजार की शुरुआती बड़ी बढ़त अंत तक सीमित हो गई। इसके बावजूद निवेशकों का रुझान चुनिंदा सेक्टरों में सकारात्मक बना रहा।
कच्चे तेल और वैश्विक हालात पर रही नजर
विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा। महंगे कच्चे तेल का असर महंगाई और आयात लागत पर पड़ सकता है, इसलिए बाजार में पूरे दिन सावधानी का माहौल बना रहा। इसी कारण शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माहौल अनुकूल रहता है और घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत बने रहते हैं, तो बाजार में सकारात्मक रुख जारी रह सकता है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
